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“सीनियर लाइन में, जूनियर सिंहासन पर!”

✍️ IBN7 INDIA डेस्क 🗓 25 जून 2026 (2 महीने पहले) 👁 4.1K बार पढ़ा गया
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“सीनियर लाइन में, जूनियर सिंहासन पर!”

रुड़की पुलिस में जूनियर दरोगा को मिली एसएसआई की कुर्सी, महकमे में उठे सवाल!

अनुभवी दरोगा रह गए पीछे, नियुक्ति को लेकर गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज!

रुड़की। रुड़की पुलिस महकमे में एक नियुक्ति इन दिनों चर्चा का केंद्र बनी हुई है। एक जूनियर दरोगा को एसएसआई (सीनियर सब-इंस्पेक्टर) की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद विभागीय गलियारों में सवालों का दौर शुरू हो गया है। चर्चा इस बात की है कि जब कई वरिष्ठ उपनिरीक्षक इस जिम्मेदारी के दावेदार थे, तब अपेक्षाकृत जूनियर अधिकारी को यह पद कैसे और किन आधारों पर सौंपा गया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार उत्तराखंड पुलिस में एसएसआई की नियुक्तियों में वरिष्ठता को प्रमुख आधार माना जाता रहा है। पुलिस मुख्यालय भी समय-समय पर अनुभव और सेवा अवधि के अनुरूप जिम्मेदारियां तय करने पर जोर देता रहा है। ऐसे में हालिया नियुक्ति ने कई कर्मचारियों को हैरान कर दिया है।

महकमे के अंदरखाने यह चर्चा भी जोरों पर है कि वर्षों से सेवा दे रहे कुछ वरिष्ठ दरोगाओं को नजरअंदाज कर जूनियर अधिकारी को अहम जिम्मेदारी सौंपना कर्मचारियों के बीच असंतोष का कारण बन सकता है। हालांकि कोई भी अधिकारी खुलकर टिप्पणी करने से बच रहा है, लेकिन पुलिस लाइन से लेकर थानों तक इस फैसले को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।

वहीं विभाग के कुछ अधिकारी इसे प्रशासनिक निर्णय बताते हुए कहते हैं कि तैनाती केवल वरिष्ठता के आधार पर नहीं, बल्कि कार्यक्षमता, कानून-व्यवस्था की जरूरत और प्रशासनिक विवेक को ध्यान में रखकर भी की जाती है। इसके बावजूद सवाल यह है कि यदि वरिष्ठता को दरकिनार किया गया है तो उसके पीछे क्या ठोस कारण रहे?

फिलहाल यह मामला रुड़की पुलिस में चर्चा का सबसे बड़ा विषय बना हुआ है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विभाग इस नियुक्ति को लेकर उठ रहे सवालों पर कोई जवाब देता है या नहीं।

दरोगा का विवादों से पुराना नाता!

रुड़की पुलिस में चर्चा का विषय बने दरोगा का विवादों से पुराना संबंध रहा है। कुछ साल पूर्व चर्चित सांप प्रकरण में भी उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई थी। मामले ने उस समय काफी सुर्खियां बटोरी थीं। सूत्रों के अनुसार जांच के बाद संबंधित दरोगा पर कार्रवाई करते हुए उन्हें हटाया गया था। अब एक बार फिर उनकी नियुक्ति और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को लेकर पुलिस महकमे में चर्चाएं तेज हैं।

कई सालों से जिले में तैनाती, दरोगा को लेकर महकमे में चर्चाएं तेज!

पुलिस महकमे में दरोगा की लंबे समय से जिले में तैनाती को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं। कर्मचारियों के बीच चर्चा है कि संबंधित दरोगा कई वर्षों से जिले के विभिन्न थानों और चौकियों में जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। हालिया नियुक्ति के बाद उनकी तैनाती एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। विभागीय गलियारों में इस बात को लेकर भी चर्चा है कि लंबे समय से जिले में बने रहने के पीछे क्या कारण हैं?